भारत ने मैच को एकतरफा कर जिम्बाब्वे को 9 विकेट से रौंदा

ज़िम्‍बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया अपना पहला मैच खेल रही है। इस सीरीज़ में टीम इंडिया को युवा खिलाड़ियों का दमखम परखने का मौका मिला जहां भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों ने अपने जोरदार प्रदर्शन से मैच को एकतरफा कर तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में जिम्बाब्वे को नौ विकेट से हरा दिया। जिम्बाब्वे ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को 169 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसे टीम इंडिया ने 42.3 ओवरों में एक विकेट खोकर हासिल कर मैच अपने नाम किया।

भारत के लिए अपना पहला मैच खेल रहे लोकेश राहुल ने नाबाद 100 रन बनाए। इसके साथ ही वह भारत की तरफ से पदार्पण मैच में सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड रॉबिन उथप्पा के नाम था। राहुल के अलावा अंबाती रायडू ने नाबाद 62 रनों का योगदान दिया।

पहले गेंदबाज़ी करते हुए भारतीय गेंदबाज़ो ने विरोधी टीम के बलबाजो को टिकने नहीं दिया भारतीय गेंदबाज़ो ने विरोधी टीम को एक के बाद एक झटके दिए
गेंदबाजी में पहले बदलाव के बाद आए बुमराह ने चिभाभा (13) और वुसी सिबांडा को आउट किया। स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ जिम्बाब्वे टीम सहज लगी, लेकिन भारतीय स्पिनरों ने भी किफायती ओवर डाले। अक्षर पटेल ने क्रेग इरविन को आउट किया। उस समय जिम्बाब्वे का स्कोर 24 ओवर में पांच विकेट पर 77 रन था।

चिगुंबुरा और सिकंदर रजा (23) अगर छठे विकेट के लिए 38 रन नहीं जोड़ते तो जिम्बाब्वे का स्कोर 150 रन के पार नहीं जा पाता। चहल ने वनडे क्रिकेट में पदार्पण के साथ ही उम्दा गेंदबाजी की। उन्हें विकेट के लिए 10वें ओवर तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने दसवें ओवर में रिचमंड मुतुंबामी का विकेट लिया। हरफनमौला चिगुंबुरा दूसरे छोर पर विकेटों का पतन देखते रहे

लोकेश राहुल : वनडे क्रिकेट में पदार्पण पर शतक जमाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने लोकेश राहुल ने कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले मैच में छक्का लगाकर तिहरे अंक तक पहुंचना उनके जेहन में था।

भारत को जीत के लिए दो रन चाहिए था, जबकि राहुल शतक से छह रन दूर थे। उन्होंने मैच के बाद कहा, मैं ज्यादा नहीं सोच रहा था, लेकिन शतक पूरा करने का एक ही रास्ता था। मुझे छक्का मारना ही था और मैंने मारा। उन्होंने कहा कि कठिन विकेट पर बल्लेबाजी का उन्हें काफी मजा आया। उन्होंने कहा, यह विकेट कठिन था, लिहाजा मैं आत्ममुग्ध नहीं हो सकता था। मैंने नई गेंद संभलकर खेली। मैं अपनी पारी से खुश हूं और आगे भी ऐसा ही खेलना चाहूंगा।

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