टपक सिंचाई आने वाले समय में पानी की समस्या से निपटने के लिए

आने वाले समय में पानी की समस्या एक गंभीर विषय है मैं केवल खेती के लिए बल्कि आने वाले समय में पीने का पानी भी एक गंभीर समस्या होगी जैसा कि आप सब देख चुके हैं वर्ष 2016 में देश के कई राज्यों में सूखे का संकट पैदा हो गया था जिसके चलते किसान किसान की दशा बहुत ही दयनीय थी तथा कई किसान तो इस समस्या से तंग आकर आत्महत्या का रास्ता चुन चुके हैं

देश के अधिकांश भाग में सिंचाई में अधिक मात्रा में पानी का प्रयोग होता है जहां किसान खेती करने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाली विज्ञान प्रणाली से वंचित रहते हैं उन्हें पता ही नहीं होता की विज्ञान की खेती करने की नई तकनीकों से किस प्रकार पानी की बचत तथा फसल की उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है

टपक सिंचाई आने वाले समय में पानी की समस्या से निपटने के लिए टपक सिंचाई एक बहुत ही उपयोगी तरीका है टपक सिंचाई करने से काफी मात्रा में भूजल की बचत होती है जिससे तेजी से नीचे की ओर जा रहे भूजल को नियंत्रण मैं लाया जा सकता है टपक सिंचाई करने के बदले में सरकार आपको तरह तरह की छूट प्रदान करती है

स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना Netafim कृषि इसकी गरीब आदिवासियों के लिए व्यवहार्य बनाने के लिए राज्य सरकार की योजना का फायदा उठाया। पहल आंशिक रूप से स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (एसजीएसवाई) योजना के तहत राज्य द्वारा वित्त पोषित किया गया। यह योजना ग्रामीण गरीबों की स्व-रोजगार और आदिवासियों के उत्थान के लिए है। रणनीति भूमि काफी बड़े के एक भूखंड की सिंचाई के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकी और कौशल का परिचय प्रत्येक आदिवासी परिवार के बाहर श्रम के आधार पर बिना साजिश खुद को खेती करने के लिए पति-पत्नी टीम के लिए पर्याप्त है,