भारत पर भयावह वायरस ज़ीका का ख़तरा |ज़ीका वायरस के लक्षण |लक्षण दिखने पर क्या करें

gika virus

 

भारत में पहली बार ज़ीका वायरस के संक्रमण के मामलों की पुष्टि हुई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि गुजरात के अहमदाबाद में ज़ीका संक्रमण के तीन मामलों का पता चला है. इनमें एक गर्भवती महिला शामिल है. तीनों ही मामले शहर के बापूनगर इलाक़े के हैं. ये सभी मामले पिछले साल के हैं. डब्ल्यूएचओ ने इन मामलों के आधार पर भारत में यात्रा को लेकर किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है.

मगर संगठन ने कहा है कि इन मामलों की पुष्टि होना अपने आप में महत्वपूर्ण है क्योंकि इनसे पहली बार भारत में ज़ीका संक्रमण की पुष्टि हुई है और ये इस बात का प्रमाण भई है कि ज़ीका भारत में मौजूद है. डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में लिखा है, “इन तथ्यों से पता चलता है कि ज़ीका वायरस का हल्का प्रसार हुआ है और आगे चलकर नए मामले भी सामने आ सकते हैं.”

डब्ल्यूएचओ ने पिछले साल ज़ीका संक्रमण को एक अंतरराष्ट्रीय आपात स्थिति घोषित कर दिया था जो नौ महीने तक जारी रहने के बाद नवंबर में हटा लिया गया. लगभग 30 देशों में नवजात बच्चों में गंभीर शारीरिक विकारों के लिए ज़ीका को कारण बताया गया था.

ज़ीका का संबंध माइक्रोसिफ़ैली नाम की बीमारी से बताया गया था जिसमें बच्चों के सिर जन्म से ही असामान्य रूप से बड़े हो जाते हैं. ज़ीका वायरस का संक्रमण मुख्य रूप से एडीज़ नाम के मच्छरों के काटने से होता है. मगर यौन संपर्क से भी इनका संक्रमण हो सकता है.

संक्रमित लोगों को हल्का बुखार, खुजली, आँख आना, जोड़ों का दर्द और सिरदर्द जैसी शिकायतें हो सकती हैं. इनका असर दो से सात दिन तक रह सकता है.

मगर ज़ीका से बहुत कम लोगों की मौत होती है. और पाँच संक्रमित लोगों में से केवल एक में इस संक्रमण के लक्षण प्रकट होते हैं.

1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, ज़ीका वायरस के संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है मच्छरों की रोकथाम.

2. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि मच्छरों से बचने के लिए पूरे शरीर को ढककर रखें और हल्के रंग के कपड़े पहनें.

3- मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए अपने घर के आसपास गमले, बाल्टी, कूलर आदि में भरा पानी निकाल दें.

4- बुख़ार, गले में ख़राश, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होने जैसे लक्षण नज़र आने पर अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन और भरपूर आराम करें.

5- ज़ीका वायरस का फ़िलहाल कोई टीका उपलब्ध नहीं है. डब्ल्यूएचओ का कहना है कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर फ़ौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

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ज़ीका वायरस के  लक्षण

  • बुख़ार होना
  • सिर दर्द
  • आंखों के पीछे दर्द होना
  • उल्टी आना
  • स्किन रैशेज
  • मसल्स पेन
  • जॉइंट पेन

लक्षण दिखने पर क्या करें, क्या न करें

  • वायरस के शिकार कुछ ही मरीज़ों को एडमिट करने की नौबत आती है।
  • आमतौर पर चार लोगों में से एक में ज़ीका वायरस के लक्षण दिखाई देते हैं।
  • ज़ीका वायरस के शिकार पेशंट में इंफेक्शन का असर एक सप्ताह रहता है।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चों को ज़्यादा ख़तरा होता है।
  • ज़ीका वायरस के मरीज़ कंप्लीट बेड रेस्ट लेना ज़रूरी है।
  • ढेर सारा पानी पीना कारगर होता है।
  • शरीर में दर्द होने पर पैरासिटामॉल या एसिटीमिनोफेन लिया जा सकता है।
  • ध्यान रहे कि इबूप्रोफेन दवा बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए। जैसे – डिस्प्रिन
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ज़ीका वायरस कैसे फैलता है?

  • ज़ीका ‘एडीस ऐजिप्टी’ नाम के मच्छर से फैलने वाले वायरस है।
  • यह मच्छर यलो फ़ीवर, डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने के लिए भी जिम्मेदार है। प्रेग्नेंट महिलाओं को इससे ख़तरा होता है।
  • वायरस संक्रमित बच्चे छोटे सिर (माइक्रोसेफैली) के साथ पैदा होते हैं।
  • माइक्रोसेफैली, न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें ब्रेन पूरी तरह डिवेलप नहीं हो पाता है।

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