Fight with cancer | कैंसर से जीतना है तो जरूर खाएं ये 5 सब्जिया

प्राचीन काल से विशेषकर चीनी दवाओं में कैंसर के लक्षणों के उपचार के लिए जड़ी बूटियों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता रहा है। वास्तव में जड़ी बूटियां कीमोथेरेपी के बाद के प्रभावों को शांत करने में भी मदद करती हैं। मेमोरियल स्लोअन केटरिंग कैंसर सेण्टर के शोधकर्ताओं ने कई अध्ययनों के माध्यम से दिखाया है कि गैस्ट्रिक, हेपेटामा, कोलन और स्तन कैंसर की कोशिकाओं को दमन पप्पड़, स्कूटेलारिया, टारैक्सैकम और फ्रैगमाइट्स जैसी कई औषधीय जड़ी बूटियों द्वारा प्रभावी रूप से नष्ट किया जा सकता है। जड़ी बूटी रक्त को शुद्ध करती हैं और सेल म्यूटेशन को रोकती हैं जो आम तौर पर कैंसर का विकास करते हैं।

 

spinach-web

पालक ब्लड कैंसर, स्तन कैंसर में रोकथाम
पालक में मैग्नीशियम, फोलिक एसिड, रेशे, विटामिन ए, विटामिन सी होने कारण ब्लड कैंसर, स्तन कैंसर में रोकथाम में सहायक है। हर तरह के Cancer Patient / कैंसर पीड़ित व्यक्ति के लिए पालक फायदेमंद साबित है।

वजन नियत्रण
पालक जूस वजन नियत्रण / Weight Control करने में सहायक है। पालक में कैलोरी कम करने की क्षमता है। पालक में फैटी एसिड़, ओमेगा-3, प्रोटीन, प्रचुर मात्रा में है। पालक जूस मोटापा नियत्रंण करने में सक्षम है।

आंखों की रोशनी / Eyesight तेजी से बढ़ती है
हरी पालक की सब्जी खाने से आंखों की रोशनी / Eyesight तेजी से बढ़ती है। बच्चों को हरे पालक पत्तों की सब्जी जरूर खिलानी चाहिए। सप्ताह में 2 बार पालक की सब्जी खाने से पूरे लाईफ में नश्मा नहीं लगता। पालक विटामिन ए, बी, सी, एमिनो एसिड, केरोटीन और पोटाशियम से भरपूर है, जोकि आंखों की रोशनी लगातार बढ़ाने में सक्षम है।

पालक Increase Blood / रक्त बढ़ाने में सक्षम
पालक Increase Blood / रक्त बढ़ाने में सक्षम है। पालक हिमोग्लोबिन की कमी को पूरा करता है। पालक में फोलिक एसिड और आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। जोकि रक्त संचार बढ़ाने और सुचारू रखने में सक्षम है।


kale_titleकैल (एक प्रकार की गोभी) को करम का साग भी कहते हैं। इस पत्तेदार सब्जी का अधिकतर सलाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो आपको कैंसर जैसी गंभीर समस्या से बचने में सहायक है। उच्च मात्रा में फाइबर होने की वजह से ये हरी सब्जी वजन कम करने वालों के लिए बेहतर विकल्प है

कैंसर के खतरे को कम करने में मददगार- इस सब्जी के बाइल बाइंडिंग गुण बॉडी से टॉक्सिन की निकासी को बढ़ावा देते हैं। इस तरह आपको कैंसर का जोखिम भी कम रहता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो आपको कैंसर और अन्य बीमारियों से दूर रखने में सहायक हैं।

वजन घटाने वालों के लिए बेहतर विकल्प- इस सब्जी में भरपूर मात्रा में डायटरी फाइबर होते हैं, जो ना केवल पाचन तंत्र सही रखते हैं बल्कि आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते हैं। अगर आप वजन घटा रहे हैं, तो इस सब्जी को अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक- एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना कैल का जूस पीने से कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं ये गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) बढ़ाती है और बैड कोलेस्ट्रॉल घटाती है। इसका जूस पीने से कोरोनरी आर्टरी डिजीज़ के खतरे को कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।

खनिज और विटामिन से भरपूर- ये विटामिन सी, पोटेशियम और मैग्नीशियम का बहुत अच्छा स्रोत है। पोटेशियम से हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने और हृदय रोगों के खतरे को कम करने में मदद मिलती है। मैग्नेशियम हृदय रोग और डायबिटीज को रोकने में मदद करता है।


Cucumberबालों व त्वचा की देखभाल
खीरे में सिलिकन व सल्फर बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं। अच्छे परिणाम के लिए आप चाहें तो खीरे के जूस को गाजर व पालक के जूस के साथ भी मिलाकर ले सकते हैं। फेस मास्क में शामिल खीरे के रस त्वचा में कसाव लाता है। इसके अलावा खीरा त्वचा को सनबर्न से भी बचाता है। खीरे में मौजूद एस्कोरबिक एसिड व कैफीक एसिड पानी की कमी( जिसके कारण आंखों के नीचे सूजन आने लगती है।) को कम करता है।

कैंसर से बचाए

खीरा के नियमित सेवन से कैंसर का खतरा कम होता है। खीरे में साइकोइसोलएरीक्रिस्नोल, लैरीक्रिस्नोल और पाइनोरिस्नोल तत्व होते हैं। ये तत्व सभी तरह के कैंसर जिनमें स्तन कैंसर भी शामिल है के रोकथाम में कारगर हैं।

मासिक धर्म में फायदेमंद

खीरे का नियमित सेवन से मासिक धर्म में होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है। लड़कियों को मासिक धर्म के दौरान काफी परेशानी होती है, वो दही में खीरे को कसकर उसमें पुदीना, काला नमक, काली मिर्च, जीरा और हींग डालकर रायता बनाकर खाएं इससे उन्हें काफी आराम मिलेगा।

मधुमेह व रक्तचाप में फायदेमंद

मधुमेह व रक्तचाप की समस्या से बचने के लिए नियमित रुप से खीरे का सेवन फायदेमंद हो सकता है। खीरे के रस में वो तत्व हैं जो पैनक्रियाज को सक्रिय करते हैं। पैनक्रियाज सक्रिय होने पर शरीर में इंसुलिन बनती है। इंसुलिन शरीर में बनने पर मधुमेह से लड़ने में मदद मिलती है। खीरा खाने से कोलस्ट्रोल का स्तर कम होता है। इससे हृदय संबंधी रोग होने की आशंका कम रहती है। खीरा में फाइबर, पोटैशियम और मैगनीशियम होता है जो ब्लड प्रेशर दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। खीरा हाई और लो ब्लड प्रेशर दोनों में ही एक तरह से दवा का कार्य करता है।

वजन कम करने में मददगार

जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन लोगों के लिए खीरे का सेवन काफी फायदेमंद रहता है। खीरे में पानी अधिक और कैलोरी कम होती है, इसलिए वजन कम करने के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है। जब भी भूख लगे तो खीरे का सेवन अच्छा हो सकता है। सूप और सलाद में खीरा खाएं। खीरा में फाइबर होते हैं जो खाना पचाने में मददगार होते हैं।

आंखों के लिए लाभकारी

अक्सर फेसपैक लगाने के बाद आंखों की जलन से बचने के लिए खीरे को स्लाइस की तरह काटकर आंखों की पलक के ऊपर पर रखते हैं। इससे आंखों को ठंडक मिलती है। खीरा की तासीर जलन कम करने की होती है। जरूरी नहीं है कि सिर्फ फेसपैक लगाने के बाद ही ऐसा कर सकते हैं। जब भी आंखों में जलन महसूस हो तो आप खीरे की मदद ले सकते हैं।

मसूड़े स्वस्थ रखता है

खीरा खाने से मसूडों की बीमारी कम होती हैं। खीरे के एक टुकड़े को जीभ से मुंह के ऊपरी हिस्से पर आधा मिनट तक रोकें। ऐसे में खीरे से निकलने वाला फाइटोकैमिकल मुंह की दुर्गंध को खत्म करता है।


brokkliब्रोकली : एक स्वादिष्ट सब्जी है जिसकी मांग दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। यह गहरे हरे रंग की सब्‍जी ब्रेसिक्‍का परिवार से है, जिसमें पत्तागोभी और गोभी भी शामिल हैं। ब्रोकली सलाद, फ्राइ करके, करी और सूप आदि के रूप में खाई जाती है। इसके अलावा यह बाजार में वर्षभर उपलब्ध होती है। फूल और डंठल को खाने के लिए उपयोग किया जाता है, जबकि इसके पत्ते कड़वे होते हैं।

कई अध्ययनों से यह साबित हुआ है कि ब्रोकली कैंसर को रोकने में मदद करती है। ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी में लिनस पॉलिंग इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं के अनुसार, ब्रोकोली में पाए जाने वाला ‘सल्फोराफेन’ यौगिक कैंसर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में किया गया एक और अध्ययन से पता चलता है कि ब्रोकली ट्यूमर के विकास को 60 प्रतिशत तक रोक सकती है और ट्यूमर के आकार को 75 प्रतिशत कम करने में मदद कर सकती है।

ब्रोकली विशेष रूप से स्तन, गर्भाशय, ग्रीवा, प्रोस्टेट और त्वचा कैंसर के विकास में बाधा डाल सकती है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक या आधा कप ब्रोकोली दो या तीन बार प्रति सप्ताह खाना चाहिए। पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए प्रति सप्ताह चार सर्विंग्स खाने चाहिए।


evecadoएवोकाडो एक फल है , जो मुख्यता उत्तरी अमेरिका के mexico देश में पाया जाता है | यह एक जंगली फल है , जिसका पेड़ persea americana प्रजाति का है | इसका पेड़ काफी विशाल और बृहद आकार का होता है | फल का आकार दिखने में नासपती की तरह होती है, परन्तु avocado के फल में बड़ा सा गुठली (बिज) होता है |

avocado में केले से से भी ज्यादा मात्रा में potassium जैसी minerals मौजूद होते है |w

इस फल में भर पुर मात्रा में रेशा मौजूद होता है | जो मनुष्य के पाचन तंत्र को मजबुत बनाता है, और पेट को साफ रखने में भी मदद करता है

इस फल में पाए जाने वाले तत्व हमारे शरीर में cholestral की मात्रा को नियंत्रित करता है |

यह फल आँखों से सम्बंधित कई तरह के रोगों से बचने में भी सहायक होता है | इस फल में पाए जाने वाले तत्व आँखों से कम दिखायी देना या आँखों में मोतियाबिंद जैसे समस्याओं के होने की संभावनाओ को कम कर देता है |

cancer जैसे घाताक रोग से भी बचने में यह मदद करता है |

5,401 total views, 10 views today