मन से बल्कि धन से भी प्रकृति की सालों से निस्वार्थ सेवा कर रहे है

हल्द्वानी के एक चिकित्सा अधिकारी न केवल तन और मन से बल्कि धन से भी प्रकृति की सालों से निस्वार्थ सेवा कर रहे है.

ग्रामीण मंडल में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी के पद पर तैनात डॉक्टर आशुतोष पंत, पेशे से आयुर्वेदाचार्य हैं, लेकिन मिजाज से प्रकृति प्रेमी, डॉक्टर आशुतोष का प्रकृति के प्रेम जुनून की हद कई साल पहले पार कर चुकी है. ये एक डॉक्टर है इसलिए ये भली भाति जानते है प्रकृति के महत्व को

डॉक्टर आशुतोष अब तक दो लाख से अधिक छायादार, फलदार और औषधीय गुणों वाले पेडों को बांट चुके हैं. इतना ही नहीं प्रकृति को संरक्षित करने का संदेश देते हुए डॉक्टर आशुतोष विवाह और मुंडन सहित तमाम मांगलिक कार्यों में लोगों को पेड़ गिफ्ट करते हैं और उनको बचाने की अपील करते है.

1988 से इस पुनीत कार्य करते हुए डॉक्टर आशुतोष ने हर साल दो लाख रूपए तक के पेड़ लोगों को निशुल्क बांटने का निश्चिय किया है. ताकि अपने पर्यावरण को बचाया जा सके और लोगों को पेड़ों की महत्ता समझ में आ सके. डॉक्टर आशुतोष जितना प्रकृति के लिए समर्पित हैं उतना ही अपने मरीजों के लिए चिन्तित हैं.

मरीज स्माइल का कहना है कि डॉक्टर साहब जितना प्रकृति से प्रेम करते हैं उतना ही अपने मरीजो की सेवा का भाव रखते हैं, जबकि उन्हीं के स्टाफ अंशुल का कहना है कि डॉक्टर साहब के प्रकृति के प्रति जुनून का आलम यह है कि वे शादी विवाह और बर्थडे तक में पेड़ों को गिफ्ट देते हैं और हम जैसे प्रकृति प्रेमियों के लिए प्ररेणादायक है. सलाम करते है हम इनकी सोच को

1,624 total views, 2 views today

One thought on “मन से बल्कि धन से भी प्रकृति की सालों से निस्वार्थ सेवा कर रहे है

  • May 21, 2017 at 2:25 am
    Permalink

    Fell out of bed feeling down. This has brihnteged my day!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *