बड़ी तबाही का कारण बनेगा आर्कटिक

पिछले एक लाख साल में जो नहीं हुआ वह अब होने जा रहा है। एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक ने दावा किया गया है इस साल या अगले साल आर्कटिक समुद्र की सारी बर्फ खत्म हो जाएगी। अमेरिका के नेशनल स्नो एंड आइस डेटा सेंटर की तरफ से ली गई हालिया सेटेलाइट तस्वीरें से भी इस बात को बल मिलता है।

जून में घटी बर्फ

तस्वीरों से तैयार रिपोर्ट के मुताबिक इस साल एक जून को आर्कटिक समुद्र में 1.11 करोड़ वर्ग किलोमीटर इलाके में बर्फ बची है। जबकि इस महीने में पिछले 30 साल का औसत 1.27 करोड़ वर्ग किलोमीटर था। यह कम हुई 15 लाख किलोमीटर की बर्फ यूनाइटेड किंगडम की छह गुनी विशाल है।

चार साल पहले लगाया था अनुमान

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के पोलर ओसेन फिजिक्स ग्रुप के प्रमुख प्रोफेसर पीटर वडहम्स ने ब्रिटेन के इंडिपेंडेंट को बताया कि उन्होंने चार साल पहले बर्फ गायब होने की भविष्य वाणी की थी। ताजा तस्वीरों से उस भविष्यवाणी की पुष्टि हुई है। उनके मुताबिक अगर इस साल बर्फ पूरी तरह से गायब नहीं भी होती है तो भी बहुत संभव है कि वहां बर्फ रिकॉर्ड रूप से कम हो।

लाखों साल पहले खत्म हुई थी आर्कटिक की बर्फ

माना जाता है कि एक लाख से एक लाख बीस हजार साल पहले आखिरी बार आर्कटिक की बर्फ खत्म हुई थी। ऐसा फिर हो रहा है। ध्रुवीय इलाके में तेजी से बढ़ते तापमान को इसके पीछे का कारण बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि इसी के कारण ब्रिटेन में बाढ़ आ रही है और अमेरिका में बिना मौसम तूफान आ रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया  में बाढ़

ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तटीय इलाके में तूफ़ान की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग लापता हैं.

बारिश की वजह से नदियों में बाढ़ की स्थिति बन गई जबकि तेज़ हवाओं से कई पेड़ उखड़ गए.

दक्षिणी न्यू साउथ वेल्स, विक्टोरिया और तस्मानिया में तूफ़ान का असर बरक़रार है.

सिडनी के कोलारॉय बीच पर मिट्टी कटने से घरों को खाली कराना पड़ा. खतरा है कि ये घर कभी गिर सकते हैं.

तस्मानिया में दो बुजुर्गों के डूबने की आशंका है. यहां सात नदियों में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है.

एक व्यक्ति के ऊज़ नदी में डूबने की ख़बर है जबकि तस्मानिया के उत्तर पश्चिम इलाके से एक महिला लापता है.

बचावकर्मी सिडनी के बॉन्डी बीच से बहे एक व्यक्ति की तलाश में जुटे हैं.

द इंन्योरेंस काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि उसे क्वींसलैंड और न्यूसाउथ वेल्स में 2.8 करोड़ डॉलर के नुक़सान की भरपाई के आवेदन मिले हैं.

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